भू-विवर्तनिकी (GEO-TECTONICS) , भौतिक भूगोल के मौलिक सिद्धान्त (FUNDAMENTALS OF PHYSICAL GEOGRAPHY)

 भौतिक भूगोल के मौलिक सिद्धान्त
(FUNDAMENTALS OF PHYSICAL GEOGRAPHY)

UNIT-1                                           भू-विवर्तनिकी (GEO-TECTONICS)

                                                                    अभ्यास (EXERCISE)                                                       5 अंक

A. निबन्धात्मक प्रश्न (Essay Type Questions):

1. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त की अवधारणा का संक्षेप में वर्णन कीजिए। (Discuss in brief the concept of Plate Tectonics Theory.)

Ans:- प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के अनुसार पृथ्वी की स्थलमण्डल (Lithosphere) कई कठोर प्लेटों में विभाजित है, जो नीचे स्थित अर्ध-द्रव एस्थेनोस्फियर पर तैरती हुई धीरे‑धीरे गतिशील रहती हैं। इन प्लेटों की गति से पर्वत निर्माण, भूकम्प, ज्वालामुखी, समुद्री तल प्रसार और महाद्वीपीय विस्थापन जैसी भौगोलिक घटनाएँ घटित होती हैं।

मुख्य बिंदु:

  • पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी व छोटी विवर्तनिक प्लेटों में विभाजित है।
  • ये प्लेटें प्रति वर्ष कुछ सेंटीमीटर की गति से चलती हैं।
  • प्लेटों की सीमाओं पर तीन प्रकार की क्रियाएँ होती हैं—अभिसरण (Convergent), अपसरण (Divergent) और रूपांतरण (Transform)

2. सागर नितल प्रसरण सिद्धान्त की अवधारणा का संक्षेप में वर्णन कीजिए। (Discuss in brief the concept of sea floor spreading theory.)

Ans:- सागर‑तल प्रसरण सिद्धान्त (Seafloor Spreading Theory) के अनुसार महासागरों के मध्य स्थित मध्य-महासागरीय पर्वतमालाओं (Mid‑Ocean Ridges) से पृथ्वी के भीतर का गर्म मैग्मा ऊपर उठकर ठंडा होता है और नया महासागरीय भू-पर्पटी (Oceanic Crust) बनाता है। यह नई पर्पटी धीरे‑धीरे दोनों ओर फैलती है, जिससे महासागर का तल चौड़ा होता जाता है। यह सिद्धान्त प्लेट विवर्तनिकी को समझने का आधार प्रदान करता है।

मुख्य बिंदु (5 अंक के अनुसार):

  • यह सिद्धान्त 1962 में हैरी हेस (Harry Hess) द्वारा प्रस्तुत किया गया था।
  • मध्य-महासागरीय पर्वतमालाओं पर मैग्मा ऊपर उठकर नई महासागरीय पर्पटी बनाता है।
  • नई पर्पटी पुरानी पर्पटी को किनारों की ओर धकेलती है, जिससे सागर‑तल का विस्तार होता है।
  • समुद्र‑तल पर चुंबकीय धारियों (Magnetic Striping) का पैटर्न इस प्रसरण का प्रमाण देता है।
  • यह सिद्धान्त महाद्वीपीय विस्थापन और प्लेट विवर्तनिकी को वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है

3. समुद्र नितल प्रसरण सिद्धान्त की सचित्र व्याख्या कीजिए : (Explain the sea floor spreading theory with diagram.)

Ans:- समुद्र‑तल प्रसरण सिद्धान्त की सचित्र व्याख्या  : समुद्र‑तल प्रसरण सिद्धान्त (Seafloor Spreading Theory) के अनुसार महासागरों के मध्य स्थित मध्य‑महासागरीय पर्वतमालाओं (Mid‑Ocean Ridges) से पृथ्वी के भीतर का गर्म मैग्मा ऊपर उठता है। यह मैग्मा ठंडा होकर नई महासागरीय पर्पटी बनाता है, जो दोनों ओर फैलती जाती है। इस प्रक्रिया से महासागर का तल लगातार चौड़ा होता रहता है।

1. मध्य‑महासागरीय पर्वत श्रृंखला : चित्र में बीच में उभरी हुई रेखा Mid‑Ocean Ridge को दर्शाती है। यही वह स्थान है जहाँ पृथ्वी की प्लेटें एक‑दूसरे से दूर जा रही होती हैं।

2. मैग्मा का ऊपर उठना  : नीचे स्थित एस्थेनोस्फियर से गर्म मैग्मा ऊपर की ओर उठता है। चित्र में लाल तीर इस उर्ध्वगमन को दर्शाते हैं।

3. नई महासागरीय पर्पटी का निर्माण : मैग्मा ठंडा होकर नई पर्पटी बनाता है। यह नई पर्पटी पुरानी पर्पटी को दोनों ओर धकेलती है, जिससे समुद्र‑तल का विस्तार होता है।

4. प्लेटों का अपसरण : चित्र में दोनों ओर के तीर प्लेटों के अपसरण (Divergence) को दिखाते हैं। यही गति समुद्र‑तल को फैलाती है।

5. सिद्धान्त का महत्व :

  • यह सिद्धान्त महाद्वीपीय विस्थापन को वैज्ञानिक आधार देता है।
  • प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त को समझने में यह मूलभूत भूमिका निभाता है।
  • समुद्र‑तल पर चुंबकीय धारियों का पैटर्न इस सिद्धान्त का प्रमाण है|

4. सागर नितल प्रसार के किन्हीं चार कारणों का वर्णन कीजिए। (Disccribe any four reasons of sea floor spreading.)

Ans:- सागर नितल प्रसार (Seafloor Spreading) : एक भूगर्भीय प्रक्रिया है जिसमें महासागरीय पर्पटी मध्य‑महासागरीय पर्वतमालाओं से दोनों ओर फैलती है। इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं:

मुख्य कारण:

  1. मैन्टल संवहन (Mantle Convection) : पृथ्वी के अंदर मैन्टल में गर्म पदार्थ ऊपर उठता है और ठंडा पदार्थ नीचे जाता है। यह संवहन धारा प्लेटों को अलग करने में सहायक होती है।
  2. मैग्मा का ऊपर उठना (Magma Upwelling) : मध्य‑महासागरीय पर्वतमालाओं पर मैग्मा ऊपर उठता है और ठंडा होकर नई महासागरीय पर्पटी बनाता है। यह नई पर्पटी पुरानी पर्पटी को किनारों की ओर धकेलती है।
  3. रिज पुश (Ridge Push) :मध्य‑महासागरीय पर्वतमालाओं से नीचे की ओर ढलान होने के कारण गुरुत्वाकर्षण बल प्लेटों को दूर धकेलता है। इसे रिज पुश बल कहते हैं।
  4. स्लैब पुल (Slab Pull) : जब पुरानी महासागरीय पर्पटी उपमहाद्वीपीय सीमा पर नीचे धंसती है, तो वह पीछे की पर्पटी को खींचती है। यह स्लैब पुल बल प्रसार को बढ़ाता है।

5. सागर तली प्रसार के किन्हीं चार प्रमाणों का वर्णन कीजिए (Discribe any four evidences of sea floor spreading.)

Ans:- सागर तली प्रसार सिद्धान्त को वैज्ञानिक रूप से सिद्ध करने के लिए कई प्रमाण प्रस्तुत किए गए हैं। ये प्रमाण इस बात को दर्शाते हैं कि महासागरीय पर्पटी मध्य‑महासागरीय पर्वतमालाओं से फैल रही है।

मुख्य प्रमाण:

  1. चुंबकीय धारियाँ (Magnetic Striping) : महासागरीय पर्पटी पर चुंबकीय खनिजों की धारियाँ पाई जाती हैं, जो पृथ्वी के चुंबकीय ध्रुवों के उलटने के क्रम को दर्शाती हैं। ये धारियाँ मध्य‑महासागरीय पर्वतमाला के दोनों ओर समान रूप से पाई जाती हैं, जो प्रसार का प्रमाण हैं।
  2. पर्पटी की आयु (Age of Oceanic Crust) : मध्य‑महासागरीय पर्वतमाला के पास की पर्पटी सबसे नई होती है, जबकि किनारों की ओर पर्पटी पुरानी होती जाती है। यह दर्शाता है कि नई पर्पटी बीच से बनती है और फैलती जाती है।
  3. गहराई और तलछट की मोटाई (Sediment Thickness) : पर्वतमाला के पास तलछट की मोटाई कम होती है, जबकि किनारों की ओर यह मोटी होती जाती है। यह दर्शाता है कि नई पर्पटी पर्वतमाला के पास बनती है और समय के साथ उस पर तलछट जमा होती है।
  4. भूकंपीय गतिविधियाँ (Seismic Activity) : मध्य‑महासागरीय पर्वतमालाओं पर भूकंपीय गतिविधियाँ अधिक होती हैं, जो प्लेटों के अपसरण और मैग्मा के ऊपर उठने का संकेत देती हैं

6. प्लेटों की प्रकृति का संक्षेप में वर्णन कीजिए। (Disccribe in brief the nature of plates.)

Ans:- प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के अनुसार पृथ्वी की स्थलमण्डल कई कठोर प्लेटों में विभाजित है, जो नीचे स्थित अर्ध‑द्रव एस्थेनोस्फियर पर तैरती हुई गतिशील रहती हैं। इन प्लेटों की अपनी विशिष्ट प्रकृति होती है, जो उनके निर्माण, संरचना और गति से निर्धारित होती है।

प्लेटों की प्रकृति (मुख्य बिंदु)

1. कठोर एवं ठोस संरचना : प्लेटें पृथ्वी की स्थलमण्डल (Lithosphere) से बनी होती हैं, जो कठोर और ठोस होती है। यह परत लगभग 100 किमी मोटी होती है।

2. विभिन्न आकार और प्रकार : पृथ्वी पर बड़ी और छोटी दोनों प्रकार की प्लेटें पाई जाती हैं—जैसे प्रशांत प्लेट, यूरेशियन प्लेट, इंडो‑ऑस्ट्रेलियन प्लेट आदि।

3. एस्थेनोस्फियर पर तैरती हुई : ये प्लेटें नीचे स्थित अर्ध‑द्रव एस्थेनोस्फियर पर तैरती हैं और संवहन धाराओं के कारण धीरे‑धीरे गतिशील रहती हैं।

4. निरंतर गतिशीलता : प्लेटें प्रति वर्ष कुछ सेंटीमीटर की गति से चलती हैं। इनकी गति से भूकम्प, ज्वालामुखी, पर्वत निर्माण और समुद्र‑तल प्रसार जैसी घटनाएँ होती हैं।

निष्कर्ष : प्लेटों की प्रकृति कठोर, गतिशील और विविध आकार‑प्रकार वाली होती है। ये पृथ्वी की सतह पर होने वाले अधिकांश भूगर्भीय परिवर्तनों की मूल इकाई हैं

7. प्लेटों की गति की क्रियाविधि का वर्णन कीजिए। (Discribe the plates activities movement or mechanism of movements.)

Ans:- प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के अनुसार पृथ्वी की स्थलमण्डल कई कठोर प्लेटों में विभाजित है, जो नीचे स्थित एस्थेनोस्फियर पर तैरती हुई निरंतर गतिशील रहती हैं। इन प्लेटों की गति के पीछे कई वैज्ञानिक प्रक्रियाएँ कार्य करती हैं। खोज परिणामों के अनुसार प्लेटों की गति मुख्यतः मैन्टल संवहन, रिज पुश, और स्लैब पुल जैसी शक्तियों से संचालित होती है।

प्लेटों की गति की प्रमुख क्रियाविधियाँ

1. मैन्टल संवहन धारा (Mantle Convection) : पृथ्वी के मैन्टल में गर्म पदार्थ ऊपर उठता है और ठंडा पदार्थ नीचे जाता है। यह संवहन धारा प्लेटों को ऊपर से धकेलती और खींचती है, जिससे वे गतिशील रहती हैं।

2. रिज पुश (Ridge Push) : मध्य‑महासागरीय पर्वतमालाओं पर गर्म मैग्मा ऊपर उठकर नई पर्पटी बनाता है। यह क्षेत्र ऊँचा होता है, इसलिए गुरुत्वाकर्षण के कारण प्लेटें ढलान की ओर धकेली जाती हैं। इसे रिज पुश बल कहा जाता है।

3. स्लैब पुल (Slab Pull) : जहाँ महासागरीय प्लेटें महाद्वीपीय प्लेटों के नीचे धंसती हैं (उपसरण क्षेत्र), वहाँ भारी और ठंडी महासागरीय पर्पटी नीचे खिंचती है और अपने साथ पूरी प्लेट को खींचती है। यह प्लेट गति का सबसे शक्तिशाली बल माना जाता है।

4. समुद्र‑तल प्रसार (Seafloor Spreading) : मध्य‑महासागरीय पर्वतमालाओं पर नई पर्पटी बनने से पुरानी पर्पटी किनारों की ओर धकेली जाती है। यह प्रक्रिया प्लेटों को अलग करने में सहायक होती है और प्लेट गति को निरंतर बनाए रखती है।

निष्कर्ष : प्लेटों की गति एक जटिल लेकिन वैज्ञानिक रूप से सिद्ध प्रक्रिया है, जो पृथ्वी के आंतरिक ताप, संवहन धाराओं और गुरुत्वीय बलों के संयुक्त प्रभाव से संचालित होती है। यही गति भूकम्प, ज्वालामुखी, पर्वत निर्माण और समुद्र‑तल प्रसार जैसी भूगर्भीय घटनाओं का कारण बनती है

8. अपसारी प्लेट सीमाओं पर विकसित प्रमुख भूस्वरूपों का चित्र के साथ वर्णन कीजिए। (Disccribe the major landforms developed at the divergent plate boundaries with diagrams.)

Ans:-  अपसारी प्लेट सीमाओं पर विकसित प्रमुख भूस्वरूप : जब दो विवर्तनिक प्लेटें एक‑दूसरे से दूर होती हैं, तो पृथ्वी की सतह पर कई विशिष्ट भूस्वरूप विकसित होते हैं। इनका निर्माण मुख्यतः मैग्मा के ऊपर उठने, पर्पटी के खिंचाव और समुद्र‑तल प्रसार की प्रक्रियाओं से होता है।

1. मध्य‑महासागरीय पर्वत श्रृंखला (Mid‑Ocean Ridge) : अपसारी प्लेट सीमाओं का सबसे प्रमुख भूस्वरूप मध्य‑महासागरीय पर्वतमाला है।

  • यहाँ प्लेटें अलग होती हैं और नीचे से मैग्मा ऊपर उठकर नई महासागरीय पर्पटी बनाता है।
  • चित्र में लाल तीर मैग्मा के ऊपर उठने को दर्शाते हैं।
  • यह क्षेत्र समुद्र‑तल पर लम्बी, ऊँची पर्वतमालाओं का निर्माण करता है।

2. रिफ्ट घाटी (Rift Valley) : जब अपसरण महाद्वीपीय क्षेत्र में होता है, तो सतह पर लम्बी, संकरी और गहरी घाटी बनती है।

  • इसे रिफ्ट घाटी कहते हैं।
  • चित्र में बीच का भाग भूमि पर बनने वाली रिफ्ट घाटी को दर्शाता है।
  • पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट इसका प्रमुख उदाहरण है।

3. महासागरीय रिज (Oceanic Ridge) : समुद्र‑तल पर प्लेटों के अलग होने से रिज बनती है, जो समुद्र‑तल को ऊँचा उठाती है।

  • यह नई पर्पटी के निर्माण का परिणाम है।
  • चित्र में दाएँ भाग में महासागरीय रिज को दिखाया गया है।

4. नई महासागरीय पर्पटी का निर्माण : अपसरण के कारण मैग्मा ठंडा होकर नई पर्पटी बनाता है।

  • यह पर्पटी धीरे‑धीरे दोनों ओर फैलती है।
  • यह प्रक्रिया समुद्र‑तल प्रसार का आधार है।

निष्कर्ष : अपसारी प्लेट सीमाओं पर बनने वाले प्रमुख भूस्वरूप—मध्य‑महासागरीय पर्वतमाला, रिफ्ट घाटी, महासागरीय रिज और नई पर्पटी—पृथ्वी की सतह पर निरंतर परिवर्तन का प्रमाण हैं। ये भूस्वरूप प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त को वैज्ञानिक आधार प्रदान करते हैं

9. अभिसारी प्लेट सीमाओं पर विकसित प्रमुख भू-आकृतियों का सचित्र वर्णन कीजिए। (Disccribe the major landforms developed at the converging plate boundaries with diagram.)

Ans:- 🌋 अभिसारी (Convergent) प्लेट सीमाओं पर विकसित प्रमुख भू‑आकृतियाँ

परिभाषा:
जब दो टेक्टोनिक प्लेटें एक‑दूसरे की ओर बढ़ती हैं और टकराती हैं, तो इसे अभिसारी प्लेट सीमा कहते हैं। इस प्रक्रिया में सबडक्शन, संपीड़न और पर्पटी का मुड़ना‑तोड़ना होता है, जिससे अनेक विशिष्ट भू‑आकृतियाँ बनती हैं।

1. महासागरीय गर्त (Ocean Trench)

  • जब महासागरीय प्लेट महाद्वीपीय या दूसरी महासागरीय प्लेट के नीचे धँसती है, तो गहरे, लम्बे गर्त बनते हैं।
  • ये पृथ्वी के सबसे गहरे स्थलरूप होते हैं।
  • उदाहरण: मारियाना ट्रेंच।

2. ज्वालामुखीय द्वीप‑मेड़ / ज्वालामुखीय मेड़ (Volcanic Arc / Island Arc)

  • सबडक्शन के कारण पिघली हुई मैग्मा सतह पर उठती है और ज्वालामुखीय पर्वत श्रृंखला बनाती है।
  • यदि यह महासागर में बने तो द्वीप‑मेड़, और महाद्वीप पर बने तो ज्वालामुखीय मेड़ कहलाते हैं।
  • उदाहरण: जापान द्वीप‑समूह।

3. वलित पर्वत (Fold Mountains)

  • जब दो महाद्वीपीय प्लेटें टकराती हैं, तो पर्पटी संकुचित होकर मुड़ जाती है और विशाल पर्वत श्रृंखलाएँ बनती हैं।
  • उदाहरण: हिमालय, आल्प्स।

4. संचयी वेज (Accretionary Wedge)

  • सबडक्शन के दौरान महासागरीय प्लेट से खुरचकर निकली तलछटें एक स्थान पर जमा होकर त्रिकोणीय वेज‑आकार की संरचना बनाती हैं।
  • यह गर्त और ज्वालामुखीय मेड़ के बीच स्थित होती है।

5. मुखमध्य गर्त (Fore‑arc Basin)

  • संचयी वेज और ज्वालामुखीय मेड़ के बीच स्थित निम्न क्षेत्र, जहाँ तलछटें जमा होती हैं।
  • यह अभिसारी सीमा की एक विशिष्ट अवसादी संरचना है।

✏️ परीक्षा के लिए उपयुक्त चित्र

ऊपर जो चित्र बनाया गया है, उसमें—

  • महासागरीय गर्त
  • सबडक्शन क्षेत्र
  • ज्वालामुखीय मेड़
  • वलित पर्वत
  • संचयी वेज
    —सभी को स्पष्ट रूप से दिखाया गया है।

10. संरक्षी प्लेट क्या है? इसकी सीमाओं पर बनी भू-आकृतियों उदाहरणसहित वर्णन कीजिए। (What is conservative plate? Disccribe its boundaries at landforms with examples.)

Ans:- जब दो विवर्तनिक प्लेटें एक‑दूसरे के समानांतर सिरकती हैं, न तो टकराती हैं और न ही दूर जाती हैं, तो उस सीमा को संरक्षी प्लेट सीमा (Transform Plate Boundary) कहते हैं।

यहां प्लेटें क्षैतिज दिशा में खिसकती हैं, जिससे तनाव और दरारें उत्पन्न होती हैं।

🌍 संरक्षी सीमाओं पर विकसित प्रमुख भू‑आकृतियाँ

1. भ्रंश रेखाएँ (Fault Lines)

  • प्लेटों के खिसकने से भ्रंश या दरारें बनती हैं।
  • ये रेखाएँ पृथ्वी की सतह पर लंबी दरारों के रूप में दिखाई देती हैं।
  • उदाहरण: सैन एंड्रियास भ्रंश, कैलिफ़ोर्निया (San Andreas Fault)।

2. भूकंपीय क्षेत्र (Seismic Zones)

  • संरक्षी सीमाओं पर भूकंप की घटनाएँ अत्यधिक होती हैं, क्योंकि प्लेटें एक‑दूसरे से अटकती‑छूटती रहती हैं।
  • ये क्षेत्र भूकंपीय रूप से सक्रिय होते हैं।
  • उदाहरण: तुर्की और ईरान का भ्रंश क्षेत्र

3. स्ट्राइक-स्लिप भ्रंश (Strike-Slip Fault)

  • यह विशेष प्रकार का भ्रंश होता है जिसमें प्लेटें समानांतर दिशा में क्षैतिज रूप से खिसकती हैं
  • इसमें ऊर्ध्वाधर विस्थापन नहीं होता, केवल पार्श्व विस्थापन होता है

उदाहरण सहित समझ 

11. प्लेट सीमाओं का सचित्र वर्णन कीजिए। (Disccribe the plate boundaries with diagram.)

Ans:- 🌍 प्लेट सीमाओं का सचित्र वर्णन : विवर्तनिक प्लेटें पृथ्वी की सतह पर लगातार गति करती रहती हैं। इनकी सीमाओं पर विभिन्न भू‑आकृतियाँ और घटनाएँ उत्पन्न होती हैं। मुख्यतः तीन प्रकार की प्लेट सीमाएँ होती हैं:

1. अभिसारी सीमा (Convergent Boundary)

  • दो प्लेटें एक‑दूसरे की ओर बढ़ती हैं।
  • एक प्लेट दूसरी के नीचे धँसती है (सबडक्शन)।
  • बनती हैं:
    • महासागरीय गर्त
    • ज्वालामुखीय द्वीप‑मेड़
    • वलित पर्वत
  • उदाहरण: हिमालय पर्वत, जापान द्वीप समूह।

2. अपसारी सीमा (Divergent Boundary)

  • दो प्लेटें एक‑दूसरे से दूर जाती हैं।
  • बीच में मैग्मा ऊपर उठता है और नई पर्पटी बनती है।
  • बनती हैं:
    • मध्य महासागरीय रिज
    • दरार घाटियाँ
  • उदाहरण: मिड-एटलांटिक रिज, ईस्ट अफ्रीकन रिफ्ट।

3. संरक्षी सीमा (Transform Boundary)

  • प्लेटें एक‑दूसरे के समानांतर खिसकती हैं।
  • बनती हैं:
    • भ्रंश रेखाएँ
    • भूकंपीय क्षेत्र
  • उदाहरण: सैन एंड्रियास भ्रंश (कैलिफ़ोर्निया)।

चित्र में इन तीनों सीमाओं को स्पष्ट रूप से दिखाया गया है—

  • अभिसारी सीमा में सबडक्शन और पर्वत निर्माण
  • अपसारी सीमा में मैग्मा का उद्भव
  • संरक्षी सीमा में पार्श्व खिसकाव

आप इस चित्र को उत्तर‑पुस्तिका में सरल रेखाचित्र के रूप में बना सकते हैं

12. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के आधार पर वलित पर्वत के निर्माण का चित्र और उदाहरण के साथ वर्णन कीजिए। (Describe the formation of fold - mountain on the basis of plate tectonic theory with example and diagram.)

Ans:- 🏔️ वलित पर्वत का निर्माण: प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के आधार पर

🔍 सिद्धान्त की भूमिका

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के अनुसार पृथ्वी की सतह कठोर विवर्तनिक प्लेटों में विभाजित है, जो मैंटल पर तैरती हैं और लगातार गति करती रहती हैं।
जब दो महाद्वीपीय प्लेटें अभिसारी सीमा पर टकराती हैं, तो पर्पटी संकुचित होकर मुड़ जाती है और वलित पर्वत बनते हैं।

🧭 निर्माण की प्रक्रिया

  1. अभिसरण (Convergence):
    • दो महाद्वीपीय प्लेटें एक‑दूसरे की ओर बढ़ती हैं।
  2. संपीड़न (Compression):
    • टकराव से पर्पटी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।
  3. मोड़ना (Folding):
    • तलछटी चट्टानें संकुचित होकर ऊपर उठती हैं और वलित पर्वत बनाती हैं।
  4. भू-आकृति निर्माण:
  • पर्वत श्रृंखलाएँ, घाटियाँ, और शिखर बनते हैं।

🌍 प्रमुख उदाहरण

🖼️ चित्र विवरण

चित्र में आप देख सकते हैं:

  • दो महाद्वीपीय प्लेटें एक‑दूसरे की ओर बढ़ रही हैं।
  • बीच में संकुचित पर्पटी ऊपर उठकर वलित पर्वत बना रही है।
  • नीचे मैंटल और ऊपर पर्वत श्रृंखला स्पष्ट रूप से दर्शाई गई है।

13. नये प्लेटों का निर्माण कैसे होता है? (How does the formation of new plates take place?)

Ans:- प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के अनुसार पृथ्वी की स्थलमंडल (Lithosphere) कई विवर्तनिक प्लेटों में विभाजित है। ये प्लेटें मैंटल पर तैरती हैं और लगातार गति करती रहती हैं।

🧭 निर्माण की प्रक्रिया: अपसारी सीमा पर नये प्लेटों का निर्माण मुख्यतः अपसारी प्लेट सीमाओं (Divergent Boundaries) पर होता है।

1. सागर नितल प्रसरण (Seafloor Spreading)

  • दो महासागरीय प्लेटें एक‑दूसरे से दूर जाती हैं।
  • बीच में स्थित मैंटल से मैग्मा ऊपर उठता है।
  • यह मैग्मा ठंडा होकर नई पर्पटी बनाता है।
  • इस प्रकार नयी महासागरीय प्लेटों का निर्माण होता है।

2. मध्य महासागरीय रिज (Mid-Ocean Ridge)

  • यह वह स्थान है जहाँ सागर नितल प्रसरण होता है।
  • यहाँ से लगातार नई प्लेटें बनती हैं।
  • उदाहरण: मिड-एटलांटिक रिज

14. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के अनुसार भ्रंश घाटी का निर्माण कैसे होता है? (How is Fault Valley formed according to plate tectonic theory?)

Ans:- प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के अनुसार पृथ्वी की स्थलमंडल विवर्तनिक प्लेटों में विभाजित है, जो लगातार गति करती हैं। जब दो प्लेटें अपसारी सीमा (Divergent Boundary) पर एक‑दूसरे से दूर जाती हैं, तो पर्पटी में दरारें और भ्रंश उत्पन्न होते हैं।

🧭 निर्माण की प्रक्रिया

  1. अपसरण (Divergence):
    • दो महाद्वीपीय प्लेटें एक‑दूसरे से दूर जाती हैं।
  2. भ्रंश (Faulting):
    • पर्पटी में दरारें बनती हैं और खंडित चट्टानें नीचे धँस जाती हैं।
  3. घाटी निर्माण (Valley Formation):
  • बीच का भाग नीचे धँसता है और दोनों ओर ऊँचे भ्रंश बनते हैं।
  • इसे ही भ्रंश घाटी (Rift Valley) कहते हैं।

🌍 प्रमुख उदाहरण

15. प्लेट विवर्तनिकी में तिहरा जंक्शन का सचित्र वर्णन कीजिए। (Describe the triple junction in plate tectonic with diagram.)

Ans:- प्लेट विवर्तनिकी में तिहरा जंक्शन (Triple Junction)

परिभाषा:
तिहरा जंक्शन वह स्थान है जहाँ तीन विवर्तनिक प्लेटों की सीमाएँ एक साथ मिलती हैं। प्रत्येक सीमा तीन प्रकारों में से एक हो सकती है—

  • रिज (R – Ridge)
  • गर्त/खाई (T – Trench)
  • संरक्षी/ट्रांसफॉर्म भ्रंश (F – Transform Fault)

सर्च के अनुसार, तिहरा जंक्शन को इन सीमाओं के संयोजन के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है, जैसे—R‑R‑R, F‑F‑T, आदि।
पृथ्वी पर लगभग 100 से अधिक तिहरे जंक्शन पाए जाते हैं।

🧭 तिहरा जंक्शन कैसे बनता है?

  1. तीन प्लेटों की गति का संगम:
    • जब तीन प्लेटें अलग‑अलग दिशाओं में गतिशील होती हैं, तो उनकी सीमाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं।
  2. सीमाओं का प्रकार:
    • प्रत्येक सीमा या तो अपसारी (R), अभिसारी (T) या संरक्षी (F) हो सकती है।
  3. स्थिर और अस्थिर जंक्शन:
  • सर्च के अनुसार, दस संभावित प्रकारों में से केवल कुछ ही स्थिर रहते हैं और लंबे समय तक बने रहते हैं।

✅ तिहरे जंक्शन के प्रमुख प्रकार

🌍 प्रमुख उदाहरण

  1. अफ्रीकी–अरेबियन–सोमाली प्लेट तिहरा जंक्शन
    • ईस्ट अफ्रीकन रिफ्ट क्षेत्र में स्थित।
  2. रोड्रिग्स तिहरा जंक्शन (हिन्द महासागर)
    • तीन मध्य महासागरीय रिजों का संगम।
  3. कैलिफ़ोर्निया का मेन्डोसिनो तिहरा जंक्शन
  • प्रशांत, जुआन‑दे‑फूका और उत्तर अमेरिकी प्लेटों का संगम।


🖼️ सचित्र वर्णन (आपकी उत्तर‑पुस्तिका के लिए)

चित्र में निम्न दिखाएँ:

  • तीन प्लेटें तीन दिशाओं में जा रही हों।
  • बीच में एक बिंदु जहाँ तीन सीमाएँ मिलती हों।
  • प्रत्येक सीमा को R, T, F के रूप में लेबल करें।
  • नीचे मैंटल और ऊपर प्लेटों की गति के तीर बनाएं।

✅ निष्कर्ष :- तहरा जंक्शन प्लेट विवर्तनिकी का एक महत्वपूर्ण बिंदु है जहाँ तीन प्लेटों की सीमाएँ मिलकर पृथ्वी की सतह पर विविध भू‑आकृतियाँ और गतिशील प्रक्रियाएँ उत्पन्न करती हैं। यह पृथ्वी की प्लेट संरचना और गतिशीलता को समझने में अत्यंत उपयोगी है।

B. संक्षिप्तउत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Question):                                                                      3 Marks

1. समुद्र नितल प्रसरण के तीन कारणों का उल्लेख कीजिए। (Mention three causes of sea floor spreading.)

2. समुद्री चुम्बकीय विसंगति क्या है? यह कैसे समुद्र तली के प्रसार को प्रमाणित करता है? स्पष्ट कीजिए। (What is sea magnetic anomaly? How does it present the evidence of sea floor spreading? Justify.)

3. सागर तली प्रसार के पक्ष में तीन कारणों का उल्लेख कीजिए। (Mention three reasons in favour of sea floor spreading.)

4. सागर तली प्रसार के तीन प्रभावों का वर्णन कीजिए। (Describe the three effects of sea floor spreading.)

5. सागर तली प्रसार सिद्धान्त का महत्त्व क्या है? (What is the importance of sea floor spreading.)

6. प्लेट सीमा क्षेत्र में हमेशा भूकम्प और ज्वालामुखी क्रियाएँ क्यों उत्पन्न होती हैं? (Why do always earthquake and volcanic activities occur in plate boundaries area.)

7. प्लेट सीमाएँ और प्लेट सीमान्त में क्या अन्तर है? (What is difference between plate boundaries and plate margins?)

8. 'अभिसारी प्लेट' की तीन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। (Write three characteristics of converging plate.)

9. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त का मूल आधार क्या है? (What is the Fundamental base is of plate tectonic theory?)

10. 'संरक्षी प्लेट' क्या है, इसके द्वारा किस प्रकार की भूआकृतियाँ निर्मित होती हैं? (What is conservative plate? Which types landforms are formed by this plate?)

11. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त की तीन कमियों का उल्लेख कीजिए। (Mention three limitations of plate tectonic theory.)

12. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के अनुसार मध्य महासागरीय कटक का निर्माण कैसे होता है? (How is mid-ocean ridge formed according to plate tectonic theory?)

13. महासागरीय गर्त के निर्माण का सचित्र वर्णन कीजिए। (Describe the formation of ocean deep with diagram.)

14. भूकम्प के लिए उत्तरदायी प्लेटों का उल्लेख कीजिए (Mention the plates responsible for earthquake.)

C. संक्षिप्त प्रश्न (Short Questions) :                                                                                                     2 Marks

1. सागर नितल प्रसरण की परिभाषा दीजिए। (Define sea floor spreading.)

2. समुद्र नितल प्रसरण के दो कारणों का उल्लेख कीजिए। (Mention two causes of sea floor spreading.)

3. गईयाट किस प्रकार पुष्टि करते हैं कि समुद्र तली का प्रसार हो रहा है? (How does sea mount prove that sea floor is spreading?)

4. समुद्र नितल प्रसरण के दो प्रमाणों का उल्लेख कीजिए। (Mention two evidence of sea floor spreading.)

5. कटक दबाव और पट्टा खिंचाव क्या है? (What is ridge push and slab pull?)

6. भू-चुम्बकीय उत्क्रमण क्या है? (What is geo-magnetic revesal?)

. सामान्य क्रोन और ध्रुवता क्रोन में क्या अन्तर है? (What is the difference between normal chron and polarity chron?)

8. समुद्र तल प्रसार के दो महत्त्वों का उल्लेख कीजिए। (Mention two importances of sea floor spreading?)

9. आब्डक्शन से आप क्या समझते हैं? (What do you mean by obduction?)

10. समुद्र तल प्रसार के दो समर्थकों के नाम लिखिए। (Mention two supporter names of sea floor espreading.)

11. 'प्लेट' किसे कहते हैं? (What is plate?)

12. 'टेक्टोनिक' (Tectonic) शब्द की उत्पत्ति किस शब्द से हुई है और इसका अर्थ क्या है? (From which word is "tectonic word" derived?)

13. दुर्बलतामण्डल क्या है? (What is Athenosphere?)

14. प्लेट विवर्तनिकी के सन्दर्भ में भू-काव्य क्या है? (What is Geo-poetry as a refrence to plate tectonic?)

15. प्लेटों की गति के दो कारणों का उल्लेख कीजिए (Mention two causes of plate motion?)

16. अधोगमन क्षेत्र क्या है? (What is subduction zone?)

17. प्रतिष्ठन या अधोगमन क्षेत्र का क्या महत्त्व है? (What is the importance of subduction zone?)

18. प्लेटों की गति के लिए उत्तरदायी किन्हीं दो शक्तियों का उल्लेख कीजिए। (Mention any two responsible forces of plate motions.)

19. किन प्लेटों के टकराव से समुद्री तोरण और द्वीपीय चाप का निर्माण होता है? (Which type of plates convenge to formation of sea archs and island archs?)

20. रॉकी और एण्डीज पर्वत का निर्माण कैसे हुआ है? (How are the Rocky mountain and Andes mountain?)

21. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के पक्ष में दो प्रमाणों का उल्लेख कीजिए। (Mention two evidences favour of plate tectonic theory.)

22. रचनात्मक प्लेट किनारा क्या है ? (What is constructive plate boundary?)

23. विनाशात्मक प्लेट किनारा क्या है? (What is destructive plate boundary?)

24. किन प्लेट किनारों के सहारे पदार्थ मेण्टिल में क्षेपित होते हैं? (Along which plate boundaries are materials subducted into the under laying mantle?)

25. द्वीपीय चाप एवं तोरण का निर्माण किन प्लेटों के टकराव का परिणाम है? (Formation of island arcs and festoons is the result of which plates collision?)

26. दो महासागरीय प्लेटों के एक दूसरे से दूर हटने से महासागरीय नितल पर किस प्रकार के भू-स्वरूपों का निर्माण होता है? (What type of physiographic feature is formed on the ocean floor when two ocean plates move away from each other?)

27. किस प्रकार की प्लेट सीमा के सहारे महासागरीय खाइयों (गर्त) का निर्माण होता है? (Along which type of plate boundary ocean trenches are formed?)

28. तिहरा जंक्शन क्या है? (What is triple junction?)

29. कटक-कटक-कटक कहने से आप क्या समझते हैं? (What do you mean by Ridge-Ridge-Ridge (RRR)?

30. खाई-खाई-खाई क्या है? (What is Trench-Trench-Trench (TTT)?)

31. तिहरा जंक्शन के कितने प्रकार हैं और वे कौन-कौन हैं? (How many types of triple juction are and what are they!)

32. कटक-कटक-भ्रंश जंक्शन किसे कहते हैं? (What is Ridge-Ridge-Fault junction?)




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