पाठ – 1 शीतयुद्ध का दौर
पाठ – 1 शीतयुद्ध का दौर शीतयुद्ध का दौर द्वितीय विश्वयुद्ध (1945) के बाद से लेकर सोवियत संघ के विघटन (1991) तक चला। यह अमेरिका (पूँजीवादी गुट) और सोवियत संघ (समाजवादी गुट) के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य तनाव का काल था, जिसमें प्रत्यक्ष युद्ध नहीं हुआ लेकिन दुनिया लगातार युद्ध के खतरे में रही। शीतयुद्ध का दौर (1945–1991) प्रस्तावना द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद विश्व राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ जिसे इतिहासकारों ने “शीतयुद्ध” नाम दिया। यह युद्ध वास्तव में कोई प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष नहीं था, बल्कि दो महाशक्तियों – अमेरिका और सोवियत संघ – के बीच वैचारिक, राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा का दौर था। इस संघर्ष ने लगभग पाँच दशकों तक अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित किया और पूरी दुनिया को दो खेमों में बाँट दिया। 🔑 प्रम...