अन्तराष्ट्रिय संबंध एवं उसकी कुछ मूलभूत अवधारणा (International Relations and its key concepts)

Class- 12

Lesson 1

अन्तराष्ट्रिय संबंध एवं उसकी कुछ मूलभूत अवधारणा 

(International Relations and its key concepts)
International Relations and its key concepts

Q-1. Write the definition of International Relations? 

Ans:- अंतरराष्ट्रीय संबंध (International Relations) विश्व के विभिन्न देशों और उनके राजनयिक प्रणालियों के बीच संबंधों और सहयोग का अध्ययन करने वाले शास्त्रीय और अनुशासनिक विज्ञान का एक शाखा है। इस विषय का प्रमुख उद्देश्य विश्व के राष्ट्रों के बीच संबंधों के रूप, स्वरूप, विकास, और बदलाव को अध्ययन करना है, साथ ही राष्ट्रों के बीच संबंधों के पीछे के कारणों, सिद्धांतों, और नीतियों की गहरी समझ प्राप्त करना भी होता है। अंतरराष्ट्रीय संबंध का अध्ययन विश्व न्याय, सुरक्षा, विज्ञान, और अर्थशास्त्र के कई पहलुओं को समाहित करता है और इसका मुख्य उद्देश्य बिना पक्षपात के विश्व शांति और सहयोग को सुनिश्चित करना है।

Q-2. Discus in brief the process of International relations? 

Ans:- अंतरराष्ट्रीय संबंधों की विकास प्रक्रिया को समझाने के लिए, हमें इसके मुख्य चरणों को देखने की आवश्यकता है। निम्नलिखित हैं अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विकास के मुख्य चरण:

1. प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Period): अंतरराष्ट्रीय संबंधों का प्रागैतिहासिक काल मानव इतिहास के बहुत पहले दौरान हुआ। इस समय, जातिगत समुद्र-तटीय समुद्र-संबंध और व्यापारिक आदान-प्रदान की शुरुआत हुई।

2. विश्वयुद्ध (World Wars): द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद, संयुक्त राष्ट्र की स्थापना हुई, जिसका उद्देश्य विश्व शांति और सुरक्षा को साधना था। इसके साथ ही, बहुत सारी अंतरराष्ट्रीय संगठन भी बने।

3. द्विपक्षीय दुश्मनी (Cold War): द्विपक्षीय दुश्मनी के कारण, दुनिया के बड़े दो देशों के बीच अमेरिका और सोवियत संघ के बीच विचारों और विचारधाराओं के आधार पर दुनिया के अन्य देशों का समर्थन लिया गया।

4. वैश्विकीकरण (Globalization): 1990 के दशक के बाद, वैश्विकीकरण की प्रक्रिया तेजी से बढ़ी, जिससे विश्व अर्थव्यवस्था, वाणिज्यिक संबंध, और सांविदानिक संबंधों में वृद्धि हुई।

5. आधुनिक अंतरराष्ट्रीय संबंध (Modern International Relations): आज के समय में, अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञता के अनेक क्षेत्रों में बाँटे गए हैं, जैसे कि राजनीति, वाणिज्यिकता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और सांस्कृतिक अदलाब-बदलाब।

6. समस्याएँ और चुनौतियाँ (Global Issues and Challenges): आज के समय में, जैसे कि जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, और अंतर्राष्ट्रीय विपणन, ऐसी अनेक वैश्विक समस्याएँ हैं जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित कर रही हैं।

इस प्रक्रिया के माध्यम से, अंतरराष्ट्रीय संबंधों की विकास में विभिन्न महत्वपूर्ण घटकों का योगदान होता है और ये घटक दुनिया के राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक दृष्टिकोण को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Q-3. Discuss the differences between international politics and international relations? [H.S. 2015,2019]

Ans:- अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बीच मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:-

1. विषय (Subject):

   -अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics): अंतरराष्ट्रीय राजनीति केंद्रित विषय होती है, जिसमें राजनीतिक प्रशासन, राजनैतिक संघर्ष, और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक प्रक्रियाएँ शामिल होती हैं।

   - अंतरराष्ट्रीय संबंध (International Relations): अंतरराष्ट्रीय संबंध व्यापारिक और अर्थशास्त्रीय पहलुओं के साथ, समाजशास्त्र और सांस्कृतिक मामलों को भी शामिल करती है, और इसका ध्यान अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संगठन, और गैर-राजनैतिक अधिकारियों की भूमिकाओं पर भी होता है।

2. प्राधिकृत्य (Focus):

   - अंतरराष्ट्रीय राजनीति: यह अकेले राजनीतिक प्रक्रियाओं और संघर्षों पर महसूस करती है, जैसे कि देशों के बीच युद्ध, युद्धनिति, और विश्व शांति के मुद्दे।

   - अंतरराष्ट्रीय संबंध: इसका ध्यान व्यापार, वाणिज्यिक संबंध, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सामाजिक परिवार, और अंतरराष्ट्रीय सजीवता जैसे अधिक विभिन्न पहलुओं पर होता है।

3. मूलभूत प्रक्रिया (Fundamental Processes):

   - अंतरराष्ट्रीय राजनीति: इसमें देशों के बीच राजनीतिक संघर्षों, विपक्षी राजनीतिक नीतियों, और राजनीतिक आपसी क्रियाओं का अध्ययन होता है।

   - अंतरराष्ट्रीय संबंध: यह देशों और उनके बीच व्यापार, दिल्ली, समाजशास्त्र, और संगठनों की विभिन्न प्रक्रियाओं का अध्ययन करता है, जिसमें राजनीतिक पहलु केवल एक हिस्सा होता है।

4. उद्देश्य (Purpose):

   - अंतरराष्ट्रीय राजनीति: इसका मुख्य उद्देश्य राजनीतिक सत्ता की प्राप्ति, शक्ति का प्रयास, और अपने राष्ट्रीय हित की रक्षा होती है।

   - अंतरराष्ट्रीय संबंध: इसका उद्देश्य विश्व में सहमति, सामर्थ्य, और सांविदानिक संबंधों के साथ विश्व शांति और सहमति की स्थापना होती है, जिसमें संघर्षों को सुलझाने और समझौता करने का भी माध्यम होता है।

Q-4. Discuss the subject matter of International relation?

Ans:- अंतरराष्ट्रीय संबंधों (International Relations) के विषय का अध्ययन करते समय, निम्नलिखित मुख्य विषयों पर गौर किया जाता है:

1. राष्ट्र (States): अंतरराष्ट्रीय संबंधों का मुख्य ध्यान राष्ट्रों पर होता है। इसमें विभिन्न देशों के राजनैतिक प्रणालियों, सरकारों, और उनके संघर्षों और सहयोग की अध्ययन होती है।

2. अंतरराष्ट्रीय संगठन (International Organizations): इसमें संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों का अध्ययन किया जाता है, जिनका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग और सामर्थ्य को बढ़ावा देना होता है।

3. गैर-राजनीतिक अधिकारी (Non-State Actors): यह शामिल करता है गैर-राजनीतिक अधिकारियों को, जैसे कि गैर-सरकारी संगठन (NGOs), बहुराष्ट्रीय कंपनियां, आतंकी समूह, और व्यक्तियों के अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव डालने वाली भूमिकाओं का अध्ययन करते हैं।

4. विदेशी नीति और व्यापार (Diplomacy and Foreign Policy): इस विषय में देशों की विदेशी नीतियों, विदेशी डिप्लोमेसी, और उनके अंतरराष्ट्रीय संबंधों का अध्ययन होता है, जिसमें विभिन्न देशों के साथ संवाद, समझौते, और सम्झौतों की चर्चा होती है।

5. संघर्ष और सहयोग (Conflict and Cooperation): इसमें विभिन्न प्रकार के संघर्षों के कारणों का अध्ययन होता है, जैसे कि युद्धों के कारण, और संघर्ष समाधान और सहयोग के माध्यमों का अध्ययन होता है।

6. अंतरराष्ट्रीय कानून (International Law): इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देशों के व्यवहार को नियमित करने वाले नियमों और मानकों का अध्ययन किया जाता है, जैसे कि मानव अधिकार, युद्ध के कानून, और व्यापार समझौते।

7. वैश्विक मुद्दें (Global Issues): इसमें वैश्विक मुद्दों का अध्ययन होता है, जैसे कि जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, प्रवास, और आर्थिक वैश्विकीकरण, और यह देखता है कि ये मुद्दे दुनिया को कैसे प्रभावित करते हैं और देशों और अन्य अधिकारियों का कैसे प्रतिक्रिया प्रदान करते हैं

Q-5. What is Power or National Power? 

Ans:- "शक्ति" या "राष्ट्रीय शक्ति" (Power or National Power) एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संबंधों का मुख्य अद्ययन और विचार का विषय है। यह एक राष्ट्र या देश की सामर्थ्य और प्रभाव की मात्रा को सूचित करता है, जो विश्व में उसके मानव, सांस्कृतिक, आर्थिक, और सामाजिक संबंधों पर किये जाने वाले प्रभाव को दर्शाता है।

राष्ट्रीय शक्ति के कुछ मुख्य प्राकृतिक घटक होते हैं, जो इसकी मात्रा को प्रभावित करते हैं:

1. सैन्य शक्ति (Military Power): यह देश की सेना और उसकी सैन्य ताकत को सूचित करता है। सैन्य शक्ति की मात्रा, युद्ध संघटन, सशस्त्र बल, और रक्षा बजट के माध्यम से मापी जा सकती है।

2. आर्थिक शक्ति (Economic Power): यह देश की आर्थिक स्थिति और व्यापारिक ताकत को सूचित करता है। आर्थिक शक्ति का मूल्यांकन ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP), विदेशी निवेश, व्यापार, और औद्योगिक सेक्टर की सामर्थ्य के माध्यम से हो सकता है।

3. राजनीतिक शक्ति (Political Power): यह देश की राजनीतिक प्रणाली, राजनीतिक नेता, और राजनीतिक प्रक्रियाओं को सूचित करता है। यह शक्ति विश्वास की अनुमति, बाह्य नीतियों की रचना, और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण होती है।

4. सांस्कृतिक शक्ति (Cultural Power): यह देश की सांस्कृतिक विरासत, भाषा, कला, और विज्ञान के क्षेत्र में उसकी मात्रा को सूचित करता है। यह शक्ति भाषा, धर्म, और सांस्कृतिक आदर्शों के माध्यम से प्रकट होती है।

5. सामाजिक शक्ति (Social Power): यह देश के सामाजिक संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, और लोगों के सामाजिक आदर्शों को सूचित करता है। सामाजिक शक्ति का मूल्यांकन जनसंख्या, जातिगत समृद्धि, और सामाजिक न्याय के माध्यम से किया जा सकता है।

राष्ट्रीय शक्ति का मूल उद्देश्य देश को विश्व में मान्यता, सुरक्षा, और प्रभाव की स्थापना करना होता है, जो अंतरराष्ट्रीय मामलों में महत्वपूर्ण होता है।

Q-6. Analyse the element of National Power? 

Ans:- राष्ट्रीय शक्ति के घटकों (Elements of National Power) का विश्लेषण करने के लिए, निम्नलिखित प्रमुख घटक होते हैं:

1. सैन्य शक्ति (Military Power):

   - सेना (Army): सेना एक देश की रक्षा और सुरक्षा का मुख्य घटक होती है। सेना की सामर्थ्य और तकनीकी योग्यता राष्ट्रीय शक्ति को मापने में महत्वपूर्ण होती है।

   - नौसेना (Navy): यह देश के समुद्री सुरक्षा और वाणिज्यिक गतिविधियों को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण होती है।

   - वायुसेना (Air Force): वायुसेना वायुमंडलीय सुरक्षा और युद्ध क्षमता का ध्यान रखती है और देश के वायुमंडलीय प्रक्षेपण और रक्षा को सुनिश्चित करती है।

2. आर्थिक शक्ति (Economic Power):

   - ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP): देश की आर्थिक स्थिति को मापने के लिए GDP महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिखाता है कि देश की आर्थिक गतिविधियाँ कितनी मजबूत हैं।

   - विदेशी निवेश (Foreign Investment): विदेशी निवेश और व्यापारिक संबंध देश की आर्थिक शक्ति को बढ़ावा देते हैं और उसे ग्लोबल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका देते हैं।

3. राजनीतिक शक्ति (Political Power):

   - सियासी संरचना (Political Structure): देश की सियासी संरचना और राजनीतिक प्रक्रियाएँ उसकी राजनीतिक शक्ति को प्रतिष्ठित करती हैं।

   - बाह्य नीतियाँ (Foreign Policies): देश की बाह्य नीतियाँ और विदेशी संबंध उसकी अंतरराष्ट्रीय शक्ति को निर्धारित करती हैं और उसके स्थान को विश्व में दर्ज कराती हैं।

4. सांस्कृतिक शक्ति (Cultural Power):

   - भाषा और सांस्कृतिक विरासत (Language and Cultural Heritage): एक देश की भाषा, संस्कृति, कला, और विरासत उसकी सांस्कृतिक शक्ति को प्रकट करती हैं और उसे विश्व में प्रस्तुत करती हैं।

5. सामाजिक शक्ति (Social Power):

   - जनसंख्या (Population): एक देश की जनसंख्या उसकी सामाजिक शक्ति को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि यह उसके बाह्य संबंधों, अर्थव्यवस्था, और शक्ति के विकल्पों को प्रभावित करती है।

   - सामाजिक न्याय (Social Justice): एक देश की सामाजिक न्याय की स्थिति उसकी सामाजिक शक्ति को प्रभावित कर सकती है और उसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों में योगदान कर सकती है।

इन घटकों का संयोजन और संघटन एक देश की राष्ट्रीय शक्ति को निर्धारित करता है और उसकी अंतरराष्ट्रीय प्रभावशीलता को प्रकट करता है। ये घटक एक साथ काम करके देश को विश्व में एक महत्वपूर्ण भूमिका देते हैं और उसे अंतरराष्ट्रीय मामलों में एक मान्यता प्राप्त करने में मदद करते हैं।

Q-7. What is meant by National Interest? 

Ans:- "राष्ट्रीय हित" (National Interest) एक देश या राष्ट्र की राजनीतिक और सार्वजनिक धारा है जो उसकी सुरक्षा, स्थिरता, और संघर्षों के समय उसके द्वारा प्राथमिक मानी जाती है। यह राष्ट्र के सुविधा और उसके नागरिकों के हित के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, और यह निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि किस प्रकार की कार्रवाई या नीतिक्रिया अधिकारिक रूप से या विदेशी राज्यों के साथ संघर्ष और सहमति को प्राथमिकता देने के लिए की जानी चाहिए।

राष्ट्रीय हित के मुख्य प्राथमिकताएँ निम्नलिखित होती हैं:

1. राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security): राष्ट्रीय हित की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है देश की सुरक्षा की सुनिश्चित करना। इसमें सेना, रक्षा, और सुरक्षा के माध्यम से देश की सुरक्षा की रक्षा करना शामिल होता है।

2. राष्ट्रीय स्थिरता (National Stability): एक स्थिर और सुखमय राष्ट्र की स्थापना राष्ट्रीय हित का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह सामाजिक और आर्थिक स्थिरता को सुनिश्चित करने में मदद करता है।

3. आर्थिक हित (Economic Interest): राष्ट्रीय हित के तहत, आर्थिक हित भी महत्वपूर्ण है। यह विदेशी व्यापार, वित्तीय स्थिरता, और विकास को प्राथमिक मानता है।

4. राष्ट्रीय मान्यता और गर्व (National Prestige and Pride): देश की गर्वभावना, नागरिकों के लिए मान्यता, और राष्ट्रीय स्वाभिमान को सुरक्षित रखना भी राष्ट्रीय हित का हिस्सा हो सकता है।

5. राष्ट्रीय सामर्थ्य (National Capability): देश की सामर्थ्य और उसके लिए संशोधन की आवश्यकता भी राष्ट्रीय हित के अंतर्गत आती है।

राष्ट्रीय हित का अर्थ यह है कि देश की सरकार और उसके नागरिकों का मुख्य उद्देश्य अपने देश की सुरक्षा, स्थिरता, और सर्वोत्तम सामाजिक और आर्थिक स्थिति की रक्षा करना है, ताकि उनके लोगों की भलाइयों की प्राथमिकता हो सके।

Q-8. What are the different kind of national interest?

Ans:- "राष्ट्रीय हित" (National Interest) के विभिन्न प्रकार हो सकते हैं, जिनमें से कुछ मुख्य रूप से निम्नलिखित हैं:

1. राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security): यह सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित है, जिसमें देश की रक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना शामिल है। इसमें सेना, गुप्त-सेना, और सुरक्षा नीतियां शामिल होती हैं।

2. राष्ट्रीय स्थिरता (National Stability): यह राष्ट्र की आंतरिक स्थिति और स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए है, जिसमें सामाजिक और आर्थिक स्थिरता शामिल है।

3. राष्ट्रीय आर्थिक हित (National Economic Interest): यह आर्थिक विकास, विदेशी व्यापार, और वित्तीय स्थिति को सुरक्षित रखने के लिए है। इसमें उद्योग, व्यापार, और बाजारों की आर्थिक स्थिति शामिल होती है।

4. राष्ट्रीय स्वाभिमान (National Pride): यह राष्ट्र की गर्वभावना, नागरिकों के लिए मान्यता, और राष्ट्रीय स्वाभिमान को सुरक्षित रखने के लिए है।

5. राष्ट्रीय सामर्थ्य (National Capability): यह देश की आर्थिक, सैन्य, और प्रावृत्तिक सामर्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए है, ताकि वह अपने हितों की सुरक्षा कर सके।

6. राष्ट्रीय सामाजिक न्याय (National Social Justice): यह राष्ट्रीय समाज में न्याय की सुनिश्चित करने के लिए है और सामाजिक विभाजन को दूर करने का प्रयास करता है।

7. राष्ट्रीय विदेशी नीति (National Foreign Policy): इसमें विदेशी संबंधों की प्राथमिकता और विदेशी संबंधों में नीति निर्धारण शामिल है, जो देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को बढ़ावा देती है।

राष्ट्रीय हित के प्रकार देश के आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के आधार पर बदल सकते हैं, और यह राष्ट्र की आवश्यकताओं के आधार पर सरकार और नेताओं द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।

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